छठ पूजा
सूर्य देव और छठी मइया की कठिन एवं परम सात्विक उपासना का चार दिवसीय महापर्व।
छठ पूजा
पौराणिक कथा (Story)
कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाने वाला छठ पर्व प्रकृति, जल और सूर्य उपासना का सबसे पवित्र पर्व है। महाभारत काल में कुंती पुत्र कर्ण और माता द्रौपदी ने भी सूर्य देव की आराधना कर अभीष्ट फल प्राप्त किया था। छठी मइया संतानों की रक्षा और दीर्घायु का वरदान देती हैं।
आध्यात्मिक महत्व (Importance)
छठ पूजा में अस्ताचलगामी (डूबते) और उदीयमान (उगते) दोनों सूर्यों को अर्घ्य दिया जाता है। यह पर्व स्वच्छता, सादगी और पर्यावरण संरक्षण की सर्वोच्च मिसाल है।
पूजा विधि एवं उत्सव (Celebration & Rituals)
चार दिनों के इस पर्व में नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और प्रातःकालीन उषा अर्घ्य दिया जाता है। ठेकुआ, मौसमी फल और गन्ने से सजे सूप को नदी या तालाब के पानी में खड़े होकर सूर्य देव को अर्पित किया जाता है।