वक्रतुण्ड महाकाय — श्री गणेश विघ्नहर्ता मंत्र
किसी भी शुभ कार्य के निर्विघ्न संपन्न होने के लिए प्रथम पूज्य भगवान गणेश का वंदना मंत्र।
वक्रतुण्ड महाकाय — श्री गणेश विघ्नहर्ता मंत्र
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
अर्थ: घुमावदार सूंड वाले, विशालकाय शरीर वाले, करोड़ सूर्यों के समान तेजस्वी हे भगवान श्री गणेश! मेरे सभी कार्यों को बिना किसी विघ्न के सदैव पूर्ण करें।
मंत्र जाप के लाभ एवं महिमा
कार्यों में आ रही अड़चनें दूर होती हैं, बुद्धि का विकास होता है और नए कार्यों में सफलता मिलती है।